*नवरात्रि पर्व में श्रद्धालुओं के लिए परशुराम सेना कर रही है जल सेवा*.. .. ..*(देखे वीडियो)* ..*खिरकिया में मुख्य पर मार्ग परशुराम सेना ने शीतल शुद्ध जल का लगाया है स्टॉल* ….*नगर अध्यक्ष मोहित सीटोके परशुराम सेना के पदाधिकारियों के साथ कर रहे है जल सेवा*…… *ब्राह्मण समाज के वरिष्ठजनो ने की सराहना कहा ये पुण्य कार्य*



रिपोर्ट:यश पांडे
नवरात्रि उत्सव में खिरकिया का नाम देश और दुनिया में मशहूर है खिरकिया नगर के लोग पूरे आस्था और भक्ति में भाव से नवरात्रि उत्सव मनाते हैं और दूर-दूर से दर्शन करने के लिए आने वाले श्रद्धालुओं की भी सेवा भाव करते हैं
सर्व ब्राह्मण समाज के वरिष्ठ जनों की प्रेरणा से परशुराम सेना ने भी खिरकिया में मुख्य मार्ग पर शीतल पेयजल का स्टॉल लगाया है परशुराम सेना के नगर अध्यक्ष मोहित सीटोके ने बताया सर्व ब्राह्मण समाज के वरिष्ठजनों की प्रेरणा और मार्गदर्शन से हमने जल सेवा का स्टॉल लगाया है
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ब्राह्मण समाज के वरिष्ठजनों ने बताया इसे पुण्य कार्य
वरिष्ठ समाज सेवी सुनील निलोसे जी ने बताया जल सेवा ही सही मायनों में नारायण की सेवा है देवी जी के दर्शन करने दूर दूर से श्रद्धालु आते है उनके लिए नौ दिन जल सेवा करना पूर्ण कार्य है
वरिष्ठ समाज सेवी बद्री मारवाड़ी जी ने बताया खिरकिया में नवरात्रि उत्सव की अपनी एक अलग पहचान है हमारे नगर में श्रद्धालुओं के प्रति भी आस्था और सेवा का भाव रहता परशुराम सेना की जल सेवा की मै सराहना करता हु भगवान परशुराम का इन युवाओं को आशीर्वाद सदैव मिले
नवरात्रि में जल सेवा एक बहुत ही पुण्य और सेवाभाव से जुड़ी हुई परंपरा है। नवरात्रि, जो कि देवी दुर्गा के नौ रूपों की आराधना का पर्व है, उसमें जल सेवा का विशेष महत्व होता है क्योंकि इस दौरान उपवास रखने वाले, मंदिरों में दर्शन करने वाले, और देवी मां की पूजा-अर्चना करने वाले भक्तों को शुद्ध जल की आवश्यकता होती है।
🔹 जल सेवा का अर्थ क्या है?
जल सेवा का अर्थ है प्यासे को पानी पिलाना — यह हिंदू धर्म में एक बहुत बड़ा पुण्य कर्म माना गया है। नवरात्रि में यह सेवा और भी विशेष हो जाती है क्योंकि इसे श्रद्धा, सेवा और तप के रूप में देखा जाता है।
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जल सेवा के लाभ
लाभ विवरण
धार्मिक पुण्य शास्त्रों में कहा गया है कि प्यासे को पानी पिलाना सबसे बड़ा धर्म है।
सेवा का भाव यह निःस्वार्थ सेवा का प्रतीक है, जिससे आत्मिक संतोष मिलता है।
सामाजिक योगदान गर्मी में लोगों की प्यास बुझाकर आप समाज की भलाई में योगदान देते हैं।
शुभ फल नवरात्रि में किया गया हर पुण्य कर्म कई गुना फलदायी माना जाता है।




