*जिले में दुग्ध क्रांति लाने चलेगा दुग्ध समृद्धि सम्पर्क अभियान* *दुधारू पशुओं के स्वास्थ्य सुधार एवं नस्ल उन्नयन के लिये कार्य किया जाएगा* *हरदा को दुग्ध उत्पादन में प्रदेश में अव्वल बनाने के प्रयास होंगे – कलेक्टर सिद्धार्थ जैन* *मैदानी अमले का प्रशिक्षण सह कार्यशाला सम्पन्न*

रिपोर्ट:यश पांडे
*जिले में दुग्ध क्रांति लाने चलेगा दुग्ध समृद्धि सम्पर्क अभियान*
*दुधारू पशुओं के स्वास्थ्य सुधार एवं नस्ल उन्नयन के लिये कार्य किया जाएगा*
*हरदा को दुग्ध उत्पादन में प्रदेश में अव्वल बनाने के प्रयास होंगे – कलेक्टर*
*मैदानी अमले का प्रशिक्षण सह कार्यशाला सम्पन्न*

हरदा 26 सितम्बर 2025/ उन्नत खेती में अग्रणी हरदा जिले को अब दुग्ध उत्पादन में प्रदेश में अव्वल बनाने का बीड़ा उठाया गया है। जिले में दुग्ध उत्पादन में बढ़ोत्तरी लाने दो अक्टूबर से दुग्ध समृद्धि सम्पर्क अभियान चलाया जाएगा। इस अभियान के दौरान पशु स्वास्थ्य सुधार का विशेष कार्यक्रम चलाया जाएगा। अभियान के तहत पशु चिकित्सा विभाग का मैदानी अमला पशु पालकों से घर-घर जाकर सम्पर्क करेंगे। अभियान में पशु नस्ल सुधार, पशु रोग नियंत्रण, गौशालाओं में उपलब्ध अवर्णित नर बछड़ों का बधियाकरण, गौशालाओं में उपलब्ध प्रजनन योग्य मादाओं में नस्ल सुधार का कार्य किया जाएगा। इसके साथ ही हिरण्यगर्भा योजना सहित पशुपालन विभाग की जनकल्याणकारी योजनाओं का प्रचार भी किया जाएगा। यह अभियान 9 अक्टूबर तक संचालित होगा। अभियान की मॉनिटरिंग मोबाइल एप के माध्यम से की जाएगी। अभियान से जुड़ा मैदानी अमला अभियान की गतिविधियों को मोबाइल एप पर अपडेट करेगा।
अभियान के सफल क्रियान्वयन के लिये शुक्रवार को पशुपालन विभाग के मैदानी अमले, पशुपालक, पशु मैत्री एवं एसआरएलएम की पशु सखियों की प्रशिक्षण सह कार्यशाला आयोजित की गई। कार्यशाला में संबोधित करते हुए कलेक्टर श्री सिद्धार्थ जैन ने कहा कि इस अभियान का उद्देश्य जिले को दुग्ध उत्पादन में अग्रणी बनाना है। अभियान के दौरान दुग्ध उत्पादन बढ़ाने के लिये पशुपालकों को आवश्यक सहयोग प्रदान किया जाएगा। साथ ही अभियान की गतिविधियों की मोबाइल एप से मॉनिटरिंग की जाएगी। जिले में दुग्ध उत्पादन बढ़ने से दुग्ध प्रोसेसिंग एवं दुग्ध उत्पादों से संबंधित उद्यम स्थापित करने का मार्ग प्रशस्त होगा। नतीजतन पशुपालकों की आय में इजाफा के साथ साथ स्थानीय लोगों को रोजगार के अवसर भी बढ़ेंगे। कलेक्टर ने इस अभियान से जुड़े मैदानी अमले से बेहतर परिणाम प्रदर्शित करने की अपेक्षा की। उन्होने कहा कि श्रेष्ठ कार्य करने वाले अधिकारी, कर्मचारियों, सहयोगियों एवं पशुपालकों को पुरस्कृत भी किया जाएगा।
कार्यशाला में उप संचालक पशु चिकित्सा डॉ. अजय रामटेके ने कहा कि अभियान के प्रथम चरण में 2 अक्टूबर से 10 एवं इससे अधिक पशु रखने वाले पशुपालकों से सम्पर्क प्रारम्भ किया जाएगा। इस दौरान पशुपालकों को पशुओं के स्वास्थ्य, पोषण एवं रखरखाव के प्रति जागरूक किया जाएगा। उन्होने कहा कि अभियान का मुख्य उद्देश्य जिले से वर्तमान में दुग्ध संघ को प्रतिदिन 1800 लीटर प्रदाय किये जाने वाले दुग्ध को उत्पादन बढ़ाकर 5000 लीटर तक प्रतिदिन दुग्ध प्रदाय किया जाना है।
कलेक्टर श्री जैन ने कार्यक्रमें श्रेष्ठ कार्य करने वाली पशु सखी श्रीमती संगीता नागवंशी, श्रीमती गिरिजाबाई व श्रीमती संगीता बकोरिया, एव्हीएफओ श्री राहुल उइके, श्री महेश कौशल व श्री रामनारायण गौर, पशु मैत्री श्री संदीप बड़ोदिया, श्री विकास निशोध, श्री राजेश कनेरे, श्री सतीश जगनवार, श्री राजेश सोनवानी, श्री राधेलाल चौरसिया व श्री संदीप दांदरे, पशुपालक श्री रमेश साई, श्री मनीष यादव, श्री अभिषेक गहलोत, श्री रघुवीर सिंह राजपूत, श्री नरेन्द्र मीणा व श्री राजेन्द्र बाष्ट, पशु चिकित्सक डॉ. हरिओम पाटिल, डॉ. एस.के. त्रिपाठी सहित श्री नितिन चौरे, श्री किशोर, श्री शंकर बामने, श्री राकेश सोलंकी, श्री अशोक मीणा, श्री रामकृष्ण, श्री हरनाथ भैंसारे, श्री नारायण मालवीय, श्री मनीष पाडर, श्री मोहनदास, श्री नूरसिंह निवारे व श्री रघुवीर सिंह राजपूत को प्रशस्ति पत्र प्रदान कर सम्मानित किया।




