*लोकसभा सदन में राष्ट्रीय शिक्षा नीति, 2020 के क्रियान्वयन को लेकर रिपोर्ट पेश* ….*देखे वीडियो* *उच्चतर शिक्षा के संबंध में सांसद दर्शन सिंह चौधरी ने 362 वां प्रतिवेदन किया प्रस्तुत* *देश में उच्च शिक्षा प्रणाली में महत्वपूर्ण बदलाव लाने का सार्थक प्रयास : सांसद दर्शन सिंह चौधरी*
लोकसभा सदन में राष्ट्रीय शिक्षा नीति, 2020 के क्रियान्वयन को लेकर रिपोर्ट पेश
उच्चतर शिक्षा के संबंध में सांसद दर्शन सिंह चौधरी ने 362 वां प्रतिवेदन किया प्रस्तुत
देश में उच्च शिक्षा प्रणाली में महत्वपूर्ण बदलाव लाने का सार्थक प्रयास : सांसद दर्शन सिंह चौधरी
रिपोर्ट:यश पांडे
नई दिल्ली : लोकसभा सदन में सोमवार को उच्चतर शिक्षा में राष्ट्रीय शिक्षा नीति, 2020 के क्रियान्वयन के संबंध में तीन सौ छप्पन वें प्रतिवेदन में अंतर्विष्ट सिफारिशों पर सरकार द्वारा की गई कार्यवाही से संबंधित शिक्षा, महिला, बाल, युवा और खेल संबंधी स्थायी समिति का 362 वां प्रतिवेदन सांसद दर्शन सिंह चौधरी के द्वारा सभा पटल पर रखा गया।
सांसद श्री चौधरी ने बताया कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति (एनईपी) 2020 का उच्च शिक्षा में कार्यान्वयन, भारत में उच्च शिक्षा प्रणाली में एक महत्वपूर्ण बदलाव लाने का सार्थक प्रयास है। इस नीति का लक्ष्य 2035 तक उच्च शिक्षा में सकल नामांकन अनुपात (जीईआर) को 50% तक बढ़ाना है, जिसके लिए कई उपाय किए जा रहे हैं, जैसे कि अधिक उच्च शिक्षा संस्थानों की स्थापना, वंचित छात्रों के लिए सहायता, बहु-विषयक संस्थानों का निर्माण, और दूरस्थ और ऑनलाइन शिक्षा को बढ़ावा देना। श्री चौधरी ने बताया कि उच्च शिक्षा के लिए एक ही नियामक, भारतीय उच्च शिक्षा आयोग (एचईसीआई), स्थापित किया जाएगा, जो मौजूदा विभिन्न नियामक निकायों की जगह लेगा। इसके साथ ही चार वर्षीय बहु-विषयक स्नातक डिग्री, जिसमें कौशल विकास के कई विकल्प और अवसर शामिल हैं, शुरू की जाएगी, जिससे छात्रों को अपनी डिग्री पूरी करने के लिए कई रास्ते मिलेंगे। श्री चौधरी ने बताया कि एनईपी 2020 का कार्यान्वयन एक सतत प्रक्रिया है, भारत सरकार राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के साथ मिलकर इस नीति को प्रभावी ढंग से लागू करने के लिए कार्य कर रही है।