देश

*नकली कीटनाशक किसी भी हालत में बिकने नहीं पाएं, केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने दिए निर्देश* *किसानों की भलाई के लिए नकली कीटनाशकों को बाजार में आने से रोकना होगा-शिवराज सिंह* *केंद्र व राज्य सरकारें मिलकर नकली कीटनाशकों पर सख्त कार्रवाई करेगी- शिवराज सिंह* *कीटनाशकों के रजिस्ट्रेशन की पूरी प्रक्रिया पारदर्शी होना चाहिए- शिवराज सिंह* *राज्य सरकारों के साथ मिलकर केंद्र के अधिकारी पूरे सिस्टम को मजबूत बनाएं- शिवराज सिंह*

*नकली कीटनाशक किसी भी हालत में बिकने नहीं पाएं, केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने दिए निर्देश*

*किसानों की भलाई के लिए नकली कीटनाशकों को बाजार में आने से रोकना होगा-शिवराज सिंह*

*केंद्र व राज्य सरकारें मिलकर नकली कीटनाशकों पर सख्त कार्रवाई करेगी- शिवराज सिंह*

*कीटनाशकों के रजिस्ट्रेशन की पूरी प्रक्रिया पारदर्शी होना चाहिए- शिवराज सिंह*

*राज्य सरकारों के साथ मिलकर केंद्र के अधिकारी पूरे सिस्टम को मजबूत बनाएं- शिवराज सिंह*

*शिकायत निवारण की समुचित व्यवस्था के साथ मैकेनिज्म बनाने के शिवराज सिंह ने दिए निर्देश*

*दिल्ली में शिवराज सिंह ने उच्चस्तरीय बैठक लेकर कीटनाशकों के संबंध में दिए महत्वपूर्ण निर्देश*

रिपोर्ट:,यश पांडे

*नई दिल्ली, 24 जुलाई 2025,* केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण और ग्रामीण विकास मंत्री श्री शिवराज सिंह ने आज दिल्ली में उच्चस्तरीय बैठक लेकर किसानों की भलाई के मद्देनजर कीटनाशकों के संबंध में महत्वपूर्ण निर्देश दिए। शिवराज सिंह ने कहा कि राज्यों में प्रवास के दौरान किसानों से शिकायत मिलती है कि कई बार नकली कीटनाशकों के कारण उनकी फसल खराब हो जाती है, नुकसान होता है, इनका समुचित निवारण करते हुए किसानों के हित में नकली- अधोमानक कीटनाशकों को बाजार में आने से पूरी तरह रोकना होगा। शिवराज सिंह स्पष्ट रूप से कहा कि नकली एवं अधोमानक कीटनाशक किसी भी हालत में बिकने नहीं पाएं। साथ ही, उन्होंने निर्देश दिए कि कीटनाशकों के रजिस्ट्रेशन की प्रक्रिया पारदर्शी होना चाहिए। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि वे राज्य सरकारों के साथ मिलकर पूरे सिस्टम को मजबूत बनाएं।

कीटनाशकों के संबंध में कृषि भवन में महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक लेकर केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह ने कहा कि कीटनाशकों के पंजीयन की प्रक्रिया ऐसी होना चाहिए कि जिससे किसी को भी कृषि विभाग के चक्कर नहीं लगाना पड़े, ना ही कोई गड़बड़ी होने पाएं। प्रक्रिया के दौरान ट्रेकिंग की व्यवस्था भी हो। कोई बेईमानी करता है, नकली या घटिया कीटनाशक बेचता है तो उसके खिलाफ कड़ी कार्रवाई हों।

शिवराज सिंह ने कहा कि किसानों के हित में हमें विभिन्न स्तरों पर काम करना होगा। किसान हमारे लिए सर्वोपरि है, उनकी फसल नकली कीटनाशकों के कारण खराब नहीं होना चाहिए। केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्रालय तथा भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद (आईसीएआर) के वरिष्ठ अधिकारियों को दिशा-निर्देश देते हुए शिवराज सिंह ने कहा कि खेतों में फसलों में क्या-क्या परिवर्तन आ रहा है, यह नियमित रूप से देखते हुए किसानों को समुचित सलाह प्रभावी तरीके से तत्काल दी जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि फसलों में आने वाली बीमारियों का वैज्ञानिकों द्वारा पता लगाकर उसका डिजिटल समाधान असरकारी ढंग से होना चाहिए। कृषि प्रसार व कृषि विज्ञान केंद्रों का अमला राज्यों के कृषि अधिकारियों-कर्मचारियों के साथ मिलकर इस बारे में किसानों को जागरूक और शिक्षित करें, ताकि वे नुकसान से बचें।

केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि हम सब मिलकर एक राष्ट्र- एक कृषि- एक टीम की थीम पर मजबूती से काम करें और राज्यों स्टाफ के साथ मिल-बैठकर किसानों से संवाद का सिलसिला नियमित होना चाहिए। शिवराज सिंह ने कहा कि यह बहुत ही महत्वपूर्ण मुद्दा है। किसानों के हित में, खरीफ की बुआई के दौरान भी किसानों को सलाह दी जाएं, साथ ही रबी सीजन के पूर्व भी पहले से ही उपाय सुनिश्चित किए जाना चाहिए, ये जिम्मेदारी अधिकारी अपने कंधों पर लें और उसका निर्वहन करें।

बैठक में केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्रालय के सचिव श्री देवेश चतुर्वेदी, आईसीएआर के महानिदेशक डा. मांगी लाल जाट सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे, जिन्होंने अपने सुझाव दिए।

*सोयाबीन और कपास की उत्पादकता बढ़ाने के लिए केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह ने ली बैठक*

*खेती-किसानी के समग्र विकास के उद्देश्य से शिवराज सिंह ने फसलवार और क्षेत्रवार दौरे प्रारंभ किए हैं*

*शिवराज सिंह ने फील्ड विजिट के दौरान सामने आए विषयों के आधार पर कार्ययोजना बनाने के दिए निर्देश*

*शिवराज सिंह ने मिशन मोड में कार्य करते हुए वैज्ञानिकों की टीम को दायित्व देने के दिए निर्देश*

*बीजों के राष्ट्रीय मिशन के माध्यम से भी किया जाए काम- शिवराज सिंह*

*शिवराज सिंह ने किसानों तक अधिक से अधिक तकनीकी जानकारियों को वीडियो एवं संदेशों के माध्यम से पहुंचाने को कहा*

*नई दिल्ली, 24 जुलाई 2025,* केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण और ग्रामीण विकास मंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने खेती-किसानी के समग्र विकास के उद्देश्य से फसलवार और क्षेत्रवार अपने दौरे के सिलसिले में सोयाबीन और कपास की उत्पादकता बढ़ाने के लिए आज दिल्ली में वरिष्ठ अधिकारियों की बैठक ली। शिवराज सिंह ने फील्ड विजिट के दौरान सामने आए विषयों के आधार पर कार्ययोजना बनाने के निर्देश बैठक में दिए।

केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह ने, 29 मई से 12 जून 2025 तक चलाए गए विकसित कृषि संकल्प अभियान में उभरे मुद्दों के मद्देनजर गत 26 जून को राष्ट्रीय सोयाबीन अनुसंधान संस्थान, इंदौर एवं 11 जुलाई को गन्ना प्रजनन संस्थान, कोयम्बटूर में क्रमश: सोयाबीन और कपास की उत्पादकता बढ़ाने के लिए किसानों सहित सभी संबंधित हितधारकों से विस्तृत परामर्श किया था। शिवराज सिंह की अध्यक्षता में कृषि भवन, नई दिल्ली में आज हुई फॉलोअप मीटिंग में केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण सचिव श्री देवेश चतुर्वेदी और DARE के सचिव तथा भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद (ICAR) के महानिदेशक डॉ मांगी लाल जाट सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।

बैठक में सोयाबीन और कपास की उत्पादकता बढ़ाने के लिए कार्ययोजना पर चर्चा की गई। बैठक में ICAR के उप महानिदेशक (फसल संभाग) डॉ. डी.के. यादव ने प्रेजेंटेशन दिया, जिस पर कृषि मंत्री शिवराज सिंह ने निर्देश दिया कि जर्मप्लाज्म आयात के लिए मिशन मोड में वैज्ञानिकों की एक टीम को दायित्व दिया जाए और इसे बीजों के राष्ट्रीय मिशन में जोड़ा जाए। बीज के महत्व को देखते हुए शिवराज सिंह ने दोनों सचिवों को निर्देश दिया कि सरकारी बीज संस्थाओं के साथ एक बैठक आयोजित की जाए, ताकि अच्छी गुणवत्ता के बीजों को उपलब्ध कराने संबंधी सभी विषयों पर विचार-विमर्श हो सके।

शिवराज सिंह ने कृषि यंत्रीकरण के संदर्भ में निर्देश दिया कि कस्टम हायरिंग सेंटर का मूल्यांकन करके यह पता लगाया जाए कि कौन-कौन से वांशिक कृषि यंत्रों की आवश्यकता है ताकि उनकी उपलब्धता सुनिश्चित की जा सके। साथ ही, उन्होंने कहा कि विकसित कृषि संकल्प अभियान की सफलता को देखते हुए इसे आगामी फसल मौसमों में बुआई से पहले रबी में अगस्त-सितंबर में और खरीफ में मार्च-अप्रैल में कार्यान्वित किया जाए। शिवराज सिंह ने कहा कि देशभर में फैले 731 कृषि विज्ञान केंद्रों में प्रत्येक जगह ब्रॉडबैंड, प्रोजेक्टर इत्यादि की सुविधा उपलब्ध की जाए, जिससे ज्यादा से ज्यादा किसान भाइयों-बहनों को कृषि विशेषज्ञों से सीधे तौर पर जोड़ा जा सके।

केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह द्वारा दोनों विभागों के अधिकारियों को इस कार्य की जिम्मेदारी दी गई है, ताकि जल्द से जल्द इसे कार्यान्वित किया जा सके। इसके अतिरिक्त, देशभर के पंजीकृत किसानों में जागरूकता बढ़ाने के लिए फसल के मौसम में दिए जा रहे परामर्श को और सुदृढ़ करते हुए सोयाबीन और कपास पर अधिक से अधिक तकनीकी जानकारियों को वीडियो एवं संदेशों के माध्यम से पहुंचाने के निर्देश भी केंद्रीय कृषि मंत्री श्री चौहान ने दिए।

बैठक में, अनुसंधान के मुद्दों, जैसे विदेशी जर्मप्लाज्म का आयात, प्रजनन कार्यक्रम में उनका उपयोग, जीनोम संपादन परियोजना, उच्च उपज वाले बीजों पर राष्ट्रीय मिशन, स्पीड ब्रीडिंग सुविधा, पौधों एवं मृदा स्वास्थ्य प्रबंधन, बीज की उपलब्धता एवं उसकी गुणवत्ता, रेगुलेशन, कृषि यांत्रिकीकरण और किसानों की जागरूकता के संबंध में चर्चा हुई।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button
error: Content is protected !!