*चातुर्मास हेतु सादगी से प्रवेश समता भवन में विराजीत सतियां*, *दीक्षा के अठारह वर्ष बाद गृह नगर में हो रहा चातुर्मास समाज ही नहीं अपितु नगर सहित क्षेत्र में हर्ष **










चातुर्मास हेतु सादगी से प्रवेश समता भवन में विराजीत सतियां, दीक्षा के अठारह वर्ष बाद गृह नगर में हो रहा चातुर्मास समाज ही नहीं अपितु नगर सहित क्षेत्र में हर्ष



खिरकिया हुक्म संघ के नवम पट्टधर, जन-जन की आस्थाओं के केंद्र, उत्क्रांति प्रदाता,युग निर्माता, आगमज्ञाता
परम पूज्य आचार्य भगवन 1008 श्री रामलालजी म.सा.
बेले-बेले के तपस्वी, बहुश्रुत वाचनाचार्य
उपाध्याय प्रवर श्रद्धेय श्री राजेश मुनि जी म.सा. की
आज्ञानुवर्ती, शासन दीपिका श्री प्रज्ञा श्री जी म.सा.,
साध्वी श्री प्रेक्षा श्री जी म.सा.,
साध्वी श्री प्रणति श्री जी म.सा.
साध्वी श्री प्रशस्ति श्री जी म.सा.
ठाणा 4 का वर्षावास हेतु मंगल प्रवेश आज समता भवन में हो गया जानकारी देते हुए श्री संघ अध्यक्ष अनिल जैन कोषाध्यक्ष विमल रांका ने बताया चातुर्मास हेतु पूज्य श्री का प्रवेश अत्यंत ही सादगी एवं गोपनीयता से हुआ
ज्ञात हो कि इस वर्ष के चौमासे में तीसरे क्रम के मासा श्री प्रणति श्री जी म. सा. छीपाबड़ के स्व.दगडुलाल जैन एवं शांता बाई जैन की सांसारिक बेटी तथा प्रवीण सहित अन्य तीन बहनों की सांसारिक बहन है। आप पांच भाई बहनों में सबसे छोटी हैं पूज्य प्रणीति श्री जी की दीक्षा 28 जनवरी 2007 में खिरकिया में ही हुईं थी आपश्री दीक्षा के अठारह वर्ष पश्चात गृह नगर में चातुर्मास हो रहा है सह मंत्री विजय कोचर एवं नवयुवक मंडल अध्यक्ष विक्रम नागड़ा ने सभी ग्राम वासियों एवं क्षेत्र वासियों से निवेदन किया पूज्य साध्वियों सहित खिरकिया नपा क्षेत्र के छीपाबड़ गांव की बेटी के भी दर्शन,वंदन,प्रवचन एवं सत्संग रूपी सानिध्य का लाभ अधिक से अधिक लेकर अपने पुण्य मे अभिवृद्धि करे।









