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*बौद्ध धर्म की गेलुग्पा परंपरा के प्रमुख, आध्यात्मिक गुरु दलाई लामा से मिले सांसद दर्शन सिंह* *दलाई लामा तिब्बती बौद्ध धर्म और संस्कृति के प्रतीक हैं : सांसद दर्शन सिंह*

बौद्ध धर्म की गेलुग्पा परंपरा के प्रमुख, आध्यात्मिक गुरु दलाई लामा से मिले सांसद दर्शन सिंह

दलाई लामा तिब्बती बौद्ध धर्म और संस्कृति के प्रतीक हैं : सांसद दर्शन सिंह

रिपोर्ट,:यश पांडे

संसद की शिक्षा, महिला, बाल, युवा एवं खेल मामलों की 16 सदस्यीय स्थायी समिति के लेह लद्दाख अध्ययन दौरे के दौरान नर्मदापुरम नरसिंहपुर लोकसभा सांसद दर्शन सिंह चौधरी ने तिब्बत में सबसे प्रभावशाली बौद्ध धर्म की गेलुग्पा परंपरा के प्रमुख, आध्यात्मिक गुरु दलाई लामा से मुलाकात कर शुभाशीष प्राप्त किया। सांसद दर्शन सिंह चौधरी ने बताया कि तिब्बती बौद्ध धर्म में, दलाई लामा जी को करुणा के बुद्ध का अवतार माना जाता है। ऐसी मान्यता है कि वे एक ऐसे व्यक्ति हैं जिन्होंने दूसरों की मदद करने के लिए बुद्ध बनने से इनकार कर दिया और पुनर्जन्म लेने का फैसला किया। दलाई लामा का पद तिब्बती बौद्ध धर्म में एक महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। सांसद दर्शन सिंह चौधरी ने जब दोनों हाथ जोड़कर दलाई लामा का अभिवादन किया तो उन्होंने आत्मीय पूर्वक दोनों हाथों से पकड़ कर अभिवादन को शिरोधार्य किया।
सांसद श्री चौधरी ने बताया कि तेनजिन ग्यात्सो, 14वें दलाई लामा, तिब्बत के आध्यात्मिक गुरु हैं। 1959 में, दलाई लामा को चीनी आक्रमण के बाद तिब्बत छोड़ना पड़ा और भारत में शरण लेनी पड़ी। दलाई लामा वर्तमान में उत्तरी भारत में धर्मशाला में रहते हैं, जो निर्वासित तिब्बती सरकार का मुख्यालय भी है। दलाई लामा को 1989 में नोबेल शांति पुरस्कार से सम्मानित किया गया था। दलाई लामा तिब्बती बौद्ध धर्म और तिब्बत की संस्कृति के एक महत्वपूर्ण प्रतीक हैं।

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