मध्य प्रदेश

*नरेश टिकैत की देशद्रोही बयानबाज़ी के खिलाफ देशभर में आक्रोश*…… .*नरेश टिकैत के बयान से शहीदों का अपमान हुआ है माफी मांगे :,राजेश गोदारा (भाजपा किसान मोर्चा जिला अध्यक्ष)*

 

 

 

नरेश टिकैत के देशद्रोही बयानबाज़ी के खिलाफ देशभर में आक्रोश

 

पहलगाम में पाकिस्तान समर्थित आतंकवादियों द्वारा 26 हिंदू तीर्थयात्रियों की निर्मम हत्या के बाद पूरा देश आक्रोशित है। देश की जनता एकजुट होकर माननीय प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी के नेतृत्व में पाकिस्तान को करारा जवाब देने की मांग कर रही है।
भारत सरकार ने कठोर निर्णय लेते हुए पाकिस्तान के साथ राजनीतिक संबंध समाप्त कर दिए हैं, बाघा-अटारी बॉर्डर पर बीटिंग रिट्रीट समारोह को रद्द कर दिया गया है, सभी पाकिस्तानियों के वीजा रद्द कर दिए गए हैं और उन्हें भारत छोड़ने के लिए निर्देशित किया गया है। इसके अतिरिक्त, भारत ने सिंधु जल संधि 1960 को तत्काल प्रभाव से निरस्त करने की प्रक्रिया प्रारंभ कर दी है।
माननीय प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी के नेतृत्व में भारत सरकार ने सिंधु जल संधि के अनुच्छेद 12(3) के तहत संधि में संशोधन की औपचारिक मांग करते हुए स्पष्ट कर दिया है कि आतंकवाद और बातचीत एक साथ नहीं चल सकते।
तथाकथित किसान नेता नरेश टिकैत की दुर्भाग्यपूर्ण टिप्पणियाँ
ऐसे समय में जब पूरा देश एकजुट है, कुछ तथाकथित किसान नेता राष्ट्र विरोधी बयान देकर देश के जख्मों पर नमक छिड़कने का कार्य कर रहे हैं। नरेश टिकैत ने कहा कि भारत सरकार को सिंधु जल संधि को रद्द नहीं करना चाहिए था, क्योंकि “भारत और पाकिस्तान का किसान एक है”। हम नरेश टिकैत से पूछना चाहते हैं — जो देश हमारे निर्दोष नागरिकों की हत्या करवा रहा है, उसके हुक्का-पानी को बंद क्यों न किया जाए? बार-बार भारत की पीठ में छुरा घोंपने वाले पाकिस्तान के प्रति प्रेम का आखिर क्या औचित्य है? यदि पाकिस्तान से इतना ही प्रेम है, तो नरेश टिकैत पाकिस्तान चले जाना चाहिए।
नरेश टिकैत का यह बयान शहीदों और उनके परिवारों का अपमान है। उन्हें देश की जनता और किसानों से माफी मांगनी चाहिए। नरेश टिकैत ने तुष्टिकरण की राजनीति करते हुए कहा कि “आतंकवाद का कोई धर्म नहीं होता”। हम पूछना चाहते हैं कि यदि आतंकवाद का कोई धर्म नहीं है, तो हर बार पकड़े गए आतंकवादी एक ही धर्म से क्यों होते हैं? उन माताओं-बहनों से जाकर पूछिए, जिनके परिवारजनों को धर्म पुछकर बेरहमी से मारा गया |
भाजपा किसान मोर्चा जिला हरदा पूरे देश की जनता की ओर से मांग करता है कि ऐसे तथाकथित किसान नेता नरेश टिकैत को देश और किसानों से सार्वजनिक रूप से माफी मांगनी चाहिए। साथ ही, समाज और किसानों को चाहिए कि ऐसे राष्ट्रविरोधी बहरूपियों का सामाजिक बहिष्कार करें और उनका हुक्का-पानी बंद कर दें।
भारत सरकार का ऐतिहासिक निर्णय
आज़ाद भारत के इतिहास में पहली बार भारत सरकार ने सिंधु जल संधि को निरस्त कर पाकिस्तान को स्पष्ट संदेश दिया है कि अब देश आतंकवाद को किसी भी सूरत में सहन नहीं करेगा। प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी की सरकार की स्पष्ट नीति है — “आतंकवाद और बातचीत एक साथ नहीं चल सकते।”।
जिलाध्यक्ष
राजेश गोदारा
भाजपा किसान मोर्चा हरदा

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button
error: Content is protected !!