मध्य प्रदेश

*बच्चे देश का भविष्य हैं – उन्हें सिर्फ़ हमारा समय चाहिए”…श्वेता त्यागी* *(लेखक:शिक्षिका एवं बाल-संवेदना प्रेरक)*

 

 

 

बच्चे देश का भविष्य हैं – उन्हें सिर्फ़ हमारा समय चाहिए”…

 

आज की तेज़ रफ्तार और तकनीक-प्रधान दुनिया में बच्चों के साथ समय बिताना किसी वरदान से कम नहीं। हमारे समाज और शिक्षा व्यवस्था के लिए यह विचार अत्यंत महत्वपूर्ण है कि बच्चों को दिशा देने के लिए सबसे पहले हमें उनके साथ खड़े होना होगा।
श्वेता त्यागी प्रतिदिन बच्चों के बीच जाती हैं, उनसे संवाद करती हैं, उनका मन टटोलती हैं। उनका कहना है कि “जब हम बच्चों से अपनापन और प्रेम से बातें करते हैं, तो वे झूठ नहीं बोलते। वे खुलकर अपने मन की बात बताते हैं। इससे न केवल उनके मनोभाव समझ में आते हैं, बल्कि हमें उन्हें सही दिशा देने का अवसर भी मिलता है।”
आज मोबाइल फोन की लत बच्चों के जीवन में सबसे बड़ी चुनौती बन गई है। अनचाही चीज़ों के संपर्क में आने से बच्चों के विचारों में नकारात्मकता जन्म लेती है। इससे बचने का सबसे प्रभावी उपाय है — बच्चों को समय देना, उन्हें सुनी जाने वाली भावना देना।
श्वेता का मानना है कि –
“हर बच्चे को सिर्फ शिक्षक या अभिभावक नहीं, एक सच्चे ‘सहयोगी और संरक्षक’ की ज़रूरत है। हमें अपने पैरेंटल भाव से बच्चों को ‘क्वालिटी टाइम’ देना होगा। तभी वे संस्कार, आत्मविश्वास और जीवन की दिशा पा सकते हैं।”
हमारे छोटे-छोटे प्रयास — चाहे वो एक कहानी सुनाना हो, एक मुस्कान देना हो या उनकी बात ध्यान से सुनना — एक बड़े सामाजिक बदलाव की नींव बन सकते हैं।
हमारा ज्ञान, हमारा अनुभव, और हमारा साथ उनके जीवन को संवार सकता है।
समाज के हर शिक्षक, अभिभावक और जागरूक नागरिक से यह अपील है कि वे बच्चों को समय दें, संवाद करें, और उनका विश्वास जीतें – यही उनके उज्ज्वल भविष्य की सबसे बड़ी नींव है।
– श्वेता त्यागी
(शिक्षिका एवं बाल-संवेदना प्रेरक)

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